Hanuman Ji Ki Aarti 2026 | aarti hanuman ji ki | hanuman aarti – श्री हनुमान जी की आरती हिंदी में

Aarti kije hanuman lala ki lyrics हनुमान जी की आरती
हनुमान जी की आरती : Shri Hanuman ji ki aarti
आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की |
जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झांके |
अंजनि पुत्र महा बलदाई, सन्तन के प्रभु सदा सहाई |
दे बीरा रघुनाथ पठाए, लंका जारि सिया सुधि लाए |
लंका सो कोट समुद्र-सी खाई, जात पवनसुत बार न लाई |
लंका जारि असुर संहारे, सियारामजी के काज सवारे |
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे, आनि संजीवन प्राण उबारे |
पैठि पाताल तोरि जम-कारे,अहिरावण की भुजा उखारे |
बाएं भुजा असुरदल मारे, दाहिने भुजा संतजन तारे |
सुर नर मुनि आरती उतारें,जय जय जय हनुमान उचारें |
कंचन थार कपूर लौ छाई, आरती करत अंजना माई |
जो हनुमानजी की आरती गावे बसि बैकुण्ठ परम पद पावे |
आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ||
जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम

भारत में भगवान हनुमान को शक्ति, साहस, भक्ति, सेवा और संकटों से लड़ने की प्रेरणा देने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। हनुमान जी भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं और उनकी निष्ठा, विनम्रता तथा समर्पण की कहानियाँ आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करती हैं। भक्त अपने घरों, मंदिरों और पूजा स्थलों पर हनुमान जी की पूजा करते हैं तथा श्रद्धा के साथ उनकी आरती गाते हैं। Hanuman Ji Ki Aarti भगवान बजरंगबली के प्रति प्रेम, विश्वास और भक्ति प्रकट करने का एक लोकप्रिय तरीका है।
अगर आप Hanuman Ji Ki Aarti हिंदी में पढ़ना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। यहाँ आप हनुमान जी की आरती से संबंधित जानकारी, उसके धार्मिक महत्व, पूजा के समय और आरती करते समय ध्यान रखने योग्य सामान्य बातों के बारे में जान सकते हैं। यह सामग्री उन भक्तों के लिए भी उपयोगी है जो मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा करते हैं।
हनुमान जी की आरती केवल पूजा का एक हिस्सा नहीं है, बल्कि यह भक्तों को कुछ समय के लिए अपनी दिनचर्या से अलग होकर आध्यात्मिक चिंतन करने का अवसर भी देती है। आरती के समय दीपक जलाना, भगवान के सामने हाथ जोड़ना और श्रद्धापूर्वक भजन गाना मन को एकाग्र करने में मदद कर सकता है। बहुत से लोग पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और उसके बाद आरती गाते हैं। हालांकि, पूजा की परंपराएँ परिवार, क्षेत्र और व्यक्तिगत आस्था के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
आज इंटरनेट के माध्यम से भक्त दुनिया के किसी भी हिस्से में रहते हुए धार्मिक सामग्री पढ़ सकते हैं। भारत के अलावा United States में रहने वाले भारतीय परिवार भी हिंदी में हनुमान जी की आरती, भजन और पूजा से जुड़ी जानकारी खोजते हैं। ऐसे में hanuman ji ki aarti lyrics, Hanuman Aarti in Hindi और Bajrangbali Ki Aarti जैसे शब्द उन लोगों के लिए उपयोगी हैं जो घर पर पूजा करना चाहते हैं या अपने बच्चों को भारतीय धार्मिक परंपराओं से परिचित कराना चाहते हैं।

हनुमान जी की भक्ति का संदेश केवल शक्ति प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। उनकी जीवन गाथा हमें साहस के साथ कठिनाइयों का सामना करने, अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार रहने और दूसरों की सहायता करने की प्रेरणा देती है। भगवान राम के प्रति उनका समर्पण यह भी सिखाता है कि सच्ची शक्ति के साथ विनम्रता और सेवा की भावना होना जरूरी है।
इस लेख में आगे आप हनुमान जी की आरती के महत्व और उससे जुड़ी पूजा संबंधी जानकारी पढ़ सकते हैं। आरती करते समय स्वच्छ स्थान, श्रद्धापूर्ण मन और अपनी पारिवारिक परंपराओं का ध्यान रखें। पूजा का उद्देश्य भक्ति, सकारात्मक चिंतन और अपने विश्वास के साथ जुड़ना है।
Hanuman Ji Ki Aarti Lyrics in English (Hinglish)

Neeche diya gaya paath Hindi ke mool paath ke samaan hi Roman lipi (English letters) mein likha gaya hai, taaki jo bhakt Devanagari mein nahin padh paate, ve bhi aasani se iska paath kar saken aur bhakti-bhaav ke saath iska laabh utha saken.
Aarti keejai Hanuman lala ki, Dusht dalan Raghunath kala ki
Jaake bal se girivar kaampe, Rog dosh jaake nikat na jhaanke
Anjani putra maha baldaai, Santan ke prabhu sada sahaai
De beera Raghunath pathaaye, Lanka jaari Siya sudhi laaye
Lanka so kot samudra-si khaai, Jaat pavansut baar na laai
Lanka jaari asur sanhaare, Siyaramji ke kaaj savaare
Lakshman moorchhit pade sakaare, Aani sanjeevan praan ubaare
Paithi paataal tori jam-kaare, Ahiravan ki bhuja ukhaare
Baaen bhuja asurdal maare, Daahine bhuja santjan taare
Sur nar muni aarti utaaren, Jai jai jai Hanuman uchaaren
Kanchan thaar kapoor lau chhaai, Aarti karat Anjana maai
Jo Hanumanji ki aarti gaave basi baikunth param pad paave
Aarti keejai Hanuman lala ki, Dusht dalan Raghunath kala ki
Jai Shri Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram
Hanuman Ji Ki Aarti — Meaning in Brief
This aarti glorifies Hanuman Ji, the beloved son of Mata Anjana, who destroys evil and embodies the immense strength and devotion of Shri Raghunath. It describes how, on Lord Ram’s command, he set Lanka ablaze and returned with the message of Mata Sita. It also recalls his heroic journey to bring the Sanjeevani herb, which helped revive Lakshman Ji. The aarti further narrates his descent into the netherworld to defeat Ahiravan, striking down demons with one arm while protecting his devotees with the other. Gods, humans, and sages are shown worshipping Hanuman Ji through aarti and chanting his sacred name. The concluding verses proclaim that anyone who sings this aarti with faith and devotion attains the divine abode of Vaikunth. The page ends with the powerful refrain of “Jai Shri Ram” repeated six times.
हनुमान आरती का महत्व
हनुमान आरती भगवान हनुमान जी के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण प्रकट करने का एक पावन माध्यम है। मान्यता है कि सच्चे मन से हनुमान जी की आरती करने से मन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भक्त उनकी कृपा प्राप्त करने, भय और चिंताओं से मुक्ति पाने तथा जीवन में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।
हनुमान जी को भगवान श्रीराम का परम भक्त और संकटों को दूर करने वाला माना जाता है। उनकी आरती करने से भक्तों को भगवान श्रीराम के प्रति प्रेम, सेवा, निष्ठा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा और आरती करना शुभ माना जाता है।
हनुमान आरती केवल पूजा का एक हिस्सा नहीं, बल्कि श्रद्धा, शक्ति और अटूट विश्वास का प्रतीक है। जो भक्त सच्चे हृदय से हनुमान जी का स्मरण करते हैं, उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा और मन की शांति प्राप्त हो सकती है।
जय बजरंगबली! जय श्रीराम! जय बजरंगबली! जय श्रीराम! जय बजरंगबली! जय श्रीराम! जय बजरंगबली! जय श्रीराम! जय बजरंगबली! जय श्रीराम! जय बजरंगबली! जय श्रीराम!
हनुमान आरती करने के लाभ
भगवान श्री हनुमान जी की आरती करना हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यकारी माना जाता है। हनुमान जी को शक्ति, साहस, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धा और सच्चे मन से उनकी आरती करने से भक्तों को मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।
हनुमान आरती करने के प्रमुख लाभ
1. भय और चिंताओं से मुक्ति: हनुमान जी की आरती करने से मन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।
2. संकटों का सामना करने की शक्ति: बजरंगबली की भक्ति व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में धैर्य और दृढ़ता बनाए रखने की प्रेरणा देती है।
3. मन की शांति: आरती के समय भगवान का स्मरण और भजन करने से मन शांत होता है और तनाव कम करने में सहायता मिल सकती है।
4. नकारात्मक विचारों से दूरी: हनुमान जी की आराधना सकारात्मक सोच, अच्छे विचारों और आत्मबल को बढ़ावा देती है।
5. आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि: हनुमान जी के पराक्रम का स्मरण करने से व्यक्ति को निर्भय होकर अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा मिलती है।
6. परिवार में सुख-शांति: परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर आरती करने से आपसी प्रेम, एकता और आध्यात्मिक जुड़ाव बढ़ सकता है।
7. श्रीराम के प्रति भक्ति: हनुमान जी की आरती भक्तों को भगवान श्रीराम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, सेवा और समर्पण से प्रेरणा लेने का अवसर देती है।
8. आध्यात्मिक उन्नति: नियमित रूप से आरती और प्रार्थना करने से व्यक्ति अपनी आस्था को मजबूत कर सकता है तथा धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त कर सकता है।
हनुमान जी की आरती कब करनी चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा और आरती करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, भक्त प्रतिदिन सुबह या शाम को भी श्रद्धापूर्वक आरती कर सकते हैं। आरती करते समय मन को शांत रखें और भगवान हनुमान जी का ध्यान करें।
निष्कर्ष: हनुमान आरती केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि साहस, विश्वास, भक्ति और सकारात्मक जीवन का संदेश भी है। सच्चे मन से बजरंगबली का स्मरण करने से व्यक्ति को कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा और आंतरिक शांति मिल सकती है।
जय श्री राम! जय हनुमान! 🙏 जय श्री राम! जय हनुमान! 🙏 जय श्री राम! जय हनुमान! 🙏 जय श्री राम! जय हनुमान! 🙏 जय श्री राम! जय हनुमान! 🙏 जय श्री राम! जय हनुमान! 🙏
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने का धार्मिक महत्व और लाभ
हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त श्रद्धापूर्वक बजरंगबली की पूजा-अर्चना करते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और उनकी आरती उतारते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार को हनुमान जी की उपासना करने से साहस, आत्मविश्वास, मानसिक शांति और भगवान के प्रति भक्ति की भावना बढ़ती है।
हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों को कठिन परिस्थितियों में धैर्य, शक्ति और विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं। उनकी भक्ति भगवान श्रीराम के प्रति निष्ठा, सेवा और समर्पण का भी संदेश देती है।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने के प्रमुख लाभ
1. संकटों से लड़ने की शक्ति
धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी की कृपा से भक्तों को कठिनाइयों का सामना करने का साहस मिलता है। उनकी आराधना व्यक्ति को धैर्य और दृढ़ संकल्प बनाए रखने की प्रेरणा देती है।
2. भय और चिंता से मुक्ति की भावना
बजरंगबली का स्मरण करने से मन में विश्वास और निर्भयता की भावना विकसित हो सकती है। भक्त कठिन समय में उनसे शक्ति और मार्गदर्शन की प्रार्थना करते हैं।
3. मानसिक शांति और सकारात्मकता
पूजा, मंत्र-जप और हनुमान चालीसा का पाठ मन को एकाग्र करने में सहायक हो सकता है। नियमित प्रार्थना से व्यक्ति को शांति और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
4. साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि
हनुमान जी के पराक्रम और संजीवनी बूटी लाने की कथा से भक्तों को कठिन परिस्थितियों में हार न मानने और अपने कर्तव्य का पालन करने की प्रेरणा मिलती है।
5. भगवान श्रीराम के प्रति भक्ति
हनुमान जी की पूजा से उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है। उनकी निष्ठा, विनम्रता और सेवाभाव भक्तों को धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलना सिखाते हैं।
6. परिवार में सुख-शांति की कामना
मंगलवार को परिवार के साथ हनुमान जी की पूजा और आरती करने से सामूहिक भक्ति तथा आपसी प्रेम की भावना मजबूत हो सकती है। भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की प्रार्थना करते हैं।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा कैसे करें?
1. स्नान करके पूजा करें
सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ करके हनुमान जी का ध्यान करें।
2. श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करें
हनुमान जी को फूल अर्पित करें, दीपक जलाएं और अपनी श्रद्धा के अनुसार सिंदूर, फल या बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं।
3. हनुमान चालीसा का पाठ करें
श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा पढ़ें या हनुमान जी के मंत्रों का जाप करें। आप अपनी सुविधानुसार सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं।
4. हनुमान जी की आरती करें
पूजा के अंत में हनुमान जी की आरती करें और परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य तथा मंगल के लिए प्रार्थना करें।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
-
पूजा में श्रद्धा, स्वच्छता और मन की एकाग्रता बनाए रखें।
-
अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूजा करें; किसी विशेष सामग्री का होना अनिवार्य नहीं है।
-
जरूरतमंदों की सहायता करें और दूसरों के प्रति दया व सम्मान का भाव रखें।
-
धार्मिक परंपराओं का पालन अपनी आस्था और पारिवारिक रीति-रिवाजों के अनुसार करें।
जय बजरंगबली! जय संकटमोचन हनुमान! जय श्रीराम! 🙏
Q 1. हनुमान जी की आरती कौन सी है?
भगवान हनुमान की प्रसिद्ध आरती “आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की” है, जो प्रातः व संध्या पूजा तथा हनुमान जयंती पर गाई जाती है।
Q 2. हनुमान आरती कब गाई जाती है?
हनुमान आरती प्रातः (मंगल आरती) और संध्या के समय, तथा पूजा/हनुमान चालीसा व सुंदरकांड पाठ के समापन पर गाई जाती है। मंगलवार और शनिवार विशेष माने जाते हैं।
Q 3. क्या सिद्धबली धाम में प्रतिदिन हनुमान आरती होती है?
हाँ, श्री सिद्धबली बाबा धाम, कोटद्वार में प्रतिदिन प्रातः ५:०० बजे मंगल आरती और संध्या ६:३० बजे आरती होती है।
Hanuman Ji Ki Aarti

हनुमान जी की आरती भगवान बजरंगबली के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने का एक सुंदर माध्यम है। भक्त इसे सुबह या शाम की पूजा में, मंगलवार और शनिवार को, अथवा अपनी सुविधानुसार किसी भी दिन गा सकते हैं। आरती के समय भगवान हनुमान का स्मरण करने से अनेक लोगों को मन की शांति, आशा और अपने जीवन में सही कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
अगर आप Hanuman Ji Ki Aarti Hindi Mein खोज रहे हैं, तो पूजा के समय आरती के शब्दों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपनी परंपरा के अनुसार दीपक, फूल या अन्य पूजा सामग्री का उपयोग करें। यदि आप हनुमान चालीसा का पाठ भी करते हैं, तो उसे आरती के साथ अपनी नियमित पूजा में शामिल कर सकते हैं। पूजा की कोई एक ही अनिवार्य दिनचर्या सभी लोगों पर लागू नहीं होती; श्रद्धा और व्यक्तिगत परंपरा का विशेष महत्व है।
United States या भारत के किसी भी शहर में रहने वाले हिंदी भाषी भक्त घर पर, मंदिर में या परिवार के साथ मिलकर हनुमान जी की आरती कर सकते हैं। इंटरनेट पर उपलब्ध धार्मिक सामग्री की मदद से बच्चे और नई पीढ़ी भी हिंदी आरती के शब्दों और भारतीय भक्ति परंपराओं को सीख सकते हैं।
हनुमान जी की भक्ति से जुड़ी सामग्री पढ़ते समय यह याद रखना उपयोगी है कि धार्मिक विश्वास व्यक्तिगत होते हैं। आरती को केवल किसी इच्छा की पूर्ति का साधन मानने के बजाय साहस, विनम्रता, सेवा और अनुशासन जैसे गुणों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा के रूप में भी देखा जा सकता है।
Conclusion
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करना श्रद्धा, शक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। बजरंगबली की आराधना भक्तों को भय का सामना करने, कठिनाइयों में धैर्य रखने और जीवन में सकारात्मक विचार अपनाने की प्रेरणा देती है। सच्चे मन से हनुमान जी का स्मरण करने के साथ उनके गुणों को अपने जीवन में उतारना ही उनकी भक्ति का वास्तविक संदेश है।
अंत में, Hanuman Ji Ki Aarti भक्तों के लिए आस्था, समर्पण और आध्यात्मिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान हनुमान की पूजा और आरती के माध्यम से लोग उनके साहस, निष्ठा और सेवा भाव को याद करते हैं। चाहे आप भारत में हों या United States में, श्रद्धापूर्वक आरती गाना और उसके संदेश को जीवन में अपनाना आपकी धार्मिक दिनचर्या को अर्थपूर्ण बना सकता है।
अगर आप हनुमान जी की आरती के साथ हनुमान चालीसा, बजरंगबली के भजन और पूजा विधि के बारे में भी जानना चाहते हैं, तो संबंधित लेखों को पढ़ सकते हैं। नियमित रूप से उपयोगी, सही और स्पष्ट धार्मिक जानकारी प्रकाशित करने से आपकी वेबसाइट पाठकों के लिए अधिक उपयोगी बन सकती है।
